आर्टिस्‍ट ने गूगल सर्च में की छेड़छाड़.


आर्टिस्‍ट ने गूगल सर्च में की छेड़छाड़.

इन आर्टिस्‍ट का नाम ग्रेचेन एंड्रयू है. वह अमेरिका के लॉस एंजिलिस की रहने वाली हैं. वह आर्टिस्‍ट बनने से पहले अमेरिका की सिलिकॉन वैली में स्थित गूगल के हेडक्‍वार्टर में काम करती थीं.


  • News18Hindi

  • Last Updated:
    November 4, 2020, 10:51 PM IST

नई दिल्‍ली. पूरी दुनिया की नजरें बुधवार को अमेरिकी राष्‍ट्रपति चुनाव (US presidential Election 2020) के नतीजों पर टिकी हुई हैं. इंटरनेट से लेकर घरों तक अमेरिकी चुनाव की चर्चा हो रही है. इस बीच एक आर्टिस्‍ट ने अपनी ऐसी कलाकारी दिखाई है कि अब वह खबरों में आ गए हैं. दरअसल इस आर्टिस्‍ट ने गूगल इमेज सर्च में ऐसी ट्रिक का इस्‍तेमाल किया है, जिसके जरिये अब कोई भी अगर गूगल पर ‘द नेक्‍स्‍ट अमेरिकन प्रेसिडेंट (the next american president) इमेज सर्च कर रहा है तो उसके रिजल्‍ट में डोनाल्‍ड ट्रंप या जो बाइडन नहीं, बल्कि आर्टिस्‍ट की बनाई हुईं कृतियां दिख रही हैं.

इन आर्टिस्‍ट का नाम ग्रेचेन एंड्रयू है. वह अमेरिका के लॉस एंजिलिस की रहने वाली हैं. वह आर्टिस्‍ट बनने से पहले अमेरिका की सिलिकॉन वैली में स्थित गूगल के हेडक्‍वार्टर में काम करती थीं. अब उन्‍होंने अमेरिकी चुनाव 2020 के दौरान गूगल सर्च इंजन में अपनी ट्रिक से छेड़छाड़ की है. इसके तहत अब डोनाल्‍ड ट्रंप या जो बाइडन की फोटो की जगह लोगों को इमेज सर्च में एंड्रयू की बनाई हुई तीन कृतियां पहले स्‍थान पर दिख रही हैं. ऐसे में लोग भी इस सर्च से हैरान हैं.

इसमें से एक कृति ‘द नेक्‍स्‍ट अमेरिकन प्रेसिडेंट ब्‍लू’ है. इसे फूलों और गुलाब की पंखुडि़यों से बनाया गया है. इस कृति को बनाने के पीछे का उनका मकसद ये संदेश देने का है कि ‘जो भी अमेरिका का अगला राष्‍ट्रपति बने, वो प्रकृति का सम्‍मान करे. साथ ही ग्‍लोबल वार्मिंग के प्रति संवेदनशील हो.’ इन कृतियों को विजन बोर्ड कहा जाता है. इसमें ‘द नेक्‍स्‍ट अमेरिकन प्रेसिडेंट’ की पूरी सीरीज है.

एंड्रयू की वेबसाइट के अनुसार उनका कहना है, ‘मैं चाहती हूं कि अगला अमेरिकी राष्ट्रपति प्यार, सद्भाव पसंद, प्रकृति, सम्मान, लोकतंत्र, खुशी, विज्ञान, अंतरराष्ट्रीय निगमों, वित्त सुधार अभियान और कानून के शासन में विश्वास करे.’


इस अमेरिकी कलाकार का कहना है कि वह लोगों को भ्रमित नहीं करना चाहती हैं. उन्‍होंने कहा, ‘मैं मशीनों को भ्रमित करना चाहती हूं. मैं चाहती हूं कि लोग गूगल पर हंसते रहें. अगर हम राजनीतिक स्पेक्ट्रम के दोनों पक्षों को बड़ी तकनीक पर हंसते हुए पा सकते हैं, तो यह अच्छी बात है.’





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