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नई दिल्ली7 दिन पहले

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अगर अब आप 2 लाख से कम का ज्वेलरी खरीद रहे हैं तो आपसे ज्वेलर्स पैन और आधार कार्ड की तरह ही नो योर कस्टमर (KYC) डाक्यूमेंट्स मांग सकते हैं। क्योंकि उन्हें इस बात का डर है कि आगामी बजट में सरकार कैश ट्रांजैक्शन के लिए केवाईसी अनिवार्य करने पर फैसला ले सकती है।

सरकारी एजेंसियों का रुख सख्त है

सरकारी एजेंसियों का रुख सख्त हो गया है। ऐसे में ज्वेलर्स को डर है कि अगर एजेंसियों को कुछ संदिग्ध लेनदेन का पता चला तो उन्हें मुश्किल हो सकती है। मुंबई में सोने के कारोबार के मुख्य केंद्र जावेरी बाजार से ऑपरेट करने वाले मेहता ने कहा कि ज्वेलर्स ने कस्टमर्स से केवाईसी मांगना शुरू कर दिया है। इससे कन्फ्यूजन हो गया है क्योंकि कस्टमर ज्वेलर्स के साथ अपना केवाईसी साझा नहीं करना चाहते हैं।

भारत में सालाना 850 टन तक सोने की खपत होती है

सरकार सोने को एसेट क्लास के रूप में डेवलप करने के लिए एक व्यापक गोल्ड पॉलिसी बनाने की योजना बना रही है। यानी यह अघोषित संपत्ति नहीं रह जाएगी बल्कि एक निवेश और लग्जरी होल्डिंग होगी। भारत में हर साल 800 से 850 टन सोने की खपत होती है।



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