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मुंबईएक दिन पहलेलेखक: अजीत सिंह

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निप्पोन म्यूचुअल फंड का कहना है कि यह कर्मचारियों के लिए एक अलग अनुभव है। हमने कोरोना में सरकार के फैसले से पहले ही 19 मार्च को सभी को घर से काम करने के लिए कह दिया था। ऐसा इसलिए ताकि हमारे कर्मचारी सुरक्षित रहें

  • कर्मचारी चाहें तो हफ्ते में 3 दिन ऑफिस में और 2 दिन घर से काम कर सकते हैं
  • निप्पोन देश मे छठे नंबर की असेट मैनेजमेंट कंपनी है। इसके पास 2.13 लाख करोड़ का एसेट है

पिछले साल कोरोना ने कंपनियों और कर्मचारियों के लिए कई नए प्रयोग करने का अवसर दिया था। इस प्रयोग को अब इस साल एक नए तरीके से आजमाया जा स रहा है। कंपनियां अब कर्मचारियों को हमेशा के लिए घर से काम करने की इजाजत दे रही हैं। देश में छठे नंबर की म्यूचुअल फंड कंपनी निप्पोन असेट मैनेजमेंट ने इसी तरह की शुरुआत की है।

कभी भी दोबारा ऑफिस आकर काम करने का विकल्प

पिछले महीने कंपनी के मानव संसाधन विभाग (HR) ने एक नए तरह का प्रयोग शुरू किया है। कंपनी ने सीनियर लेवल के कर्मचारियों से कहा है कि वे चाहें तो हमेशा के लिए घर से काम कर सकते हैं। इसके लिए उन्हें 20-25% कम सैलरी मिलेगी। हालांकि वे चाहें तो कभी भी फिर से पुराने नियम के तहत ऑफिस आकर भी काम कर सकते हैं।

3 दिन ऑफिस में और 2 दिन घर से काम का भी विकल्प

कंपनी ने नए नियम के तहत कई विकल्प दिए हैं। इसमें कर्मचारी चाहें तो हफ्ते में 3 दिन ऑफिस में और 2 दिन घर से काम कर सकते हैं। सारे कर्मचारियों के लिए रोस्टर के लिहाज से यह होगा। दरअसल अंग्रेजी में गिग वर्क के रूप में कंपनी कर्मचारियों का उपयोग करना चाहती है। वैश्विक लेवल पर इस तरह के गिग वर्क का उपयोग होता है।

कंसल्टेंट की तरह कर सकते हैं काम

गिग वर्क का मतलब आप कंसल्टेंट की तरह भी काम कर सकते हैं। यह अनिवार्य नहीं, बल्कि आप की इच्छा पर है। कंपनी ने कहा है कि अगर कर्मचारी इस तरह चाहते हैं तो वे काम कर सकते हैं। आप चाहें तो खाली समय में फिर दूसरा काम जैसे कोई कोर्स या कोई अपना काम कर सकते हैं। अगर आपको लगता है कि फिर से कंपनी में पूरी तरह से काम करना चाहिए तो वापसी भी कर सकते हैं। यह सब कंपनी इसलिए करती है ताकि आपको कोई पर्सनल काम हो, कोई बीमारी हो या फिर कोई चुनौती हो तो आप उसे काम के दौरान भी कर सकें।

नए नियम से कंपनी और कर्मचारी दोनों को फायदा

दरअसल इस नए नियम से कंपनी और कर्मचारी दोनों को फायदा होता है। कंपनी के लिए जहां लागत कम होती है वहीं दूसरी ओर कर्मचारियों का आने-जाने का समय, खर्चा और अन्य बचत हो जाती है। निप्पोन का असेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) 2.13 लाख करोड़ रुपए रहा है। इसके पास 1 हजार कर्मचारी हैं। यह पहले अनिल अंबानी की रिलायंस निप्पोन असेट मैनेजमेंट के रूप में थी। बाद में जापानी कंपनी निप्पोन ने इसमें पूरी हिस्सेदारी खरीद ली।



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