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नई दिल्ली6 दिन पहले

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USTR ने कहा है कि भारत, इटली और तुर्की की ओर से लगाया गया टैक्स अनुचित है क्योंकि यह अंतरराष्ट्रीय टैक्सेशन के सिद्धांतों के अनुरूप नहीं है।

  • दिग्गज टेक कंपनियों के समर्थन में आया अमेरिका का ट्रेड रिप्रजेंटेटिव ऑफिस
  • डिजिटल टैक्स के विरोध में फ्रांस से आयातित वस्तुओं पर 25% टैरिफ लगाया

अमेरिका के ट्रेड रिप्रजेंटेटिव (USTR) ऑफिस अपने देश की दिग्गज टेक कंपनियों के समर्थन में आ गया है। USTR ने भारत, इटली और तुर्की की ओर से लगाए गए डिजिटल टैक्स को अमेरिकी कंपनियों के प्रति भेदभाव बताया है। साथ ही USTR ने कहा कि यह डिजिटल टैक्स अंतरराष्ट्रीय टैक्स सिद्धांतों के अनुरूप नहीं है। USTR ने डिजिटल टैक्स लगाने पर इन देशों को प्रतिरोधी टैरिफ का सामना करने की चेतावनी दी है।

अभी कार्रवाई नहीं, लेकिन सभी विकल्पों पर विचार जारी रहेगा

USTR ने डिजिटल टैक्स को लेकर सेक्शन 301 की जांच रिपोर्ट को रिलीज करते हुए कहा कि हम अभी कोई विशेष कार्रवाई नहीं कर रहे हैं, लेकिन हम सभी उपलब्ध विकल्पों का मूल्यांकन जारी रखेंगे। USTR की ओर से सेक्शन 301 के तहत कई सेक्टर्स में जांच जारी है। इसके आधार पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ऑफिस छोड़ने से पहले टैरिफ लगा सकते हैं। इसके बीच फ्रांस के डिजिटल सर्विसेज टैक्स को लेकर एडवांस जांच चल रही है।

फ्रांस से आयातित वस्तुओं पर लगाया 25% टैरिफ

USTR ने डिजिटल टैक्स के विरोध में फ्रांस से आयातित वस्तुओं पर 25% टैरिफ लगाया है। इसके लिए विभाग ने 6 जनवरी की डेडलाइन तय की गई थी। अमेरिका ने फ्रांस की जिन वस्तुओं पर टैरिफ लगाया है उनमें कॉस्मेटिक्स, हैंड बैग्स और अन्य आयातित सामान शामिल है। इस टैरिफ की कुल वैल्यू 1.3 बिलियन डॉलर आंकी गई है। हालांकि, तय तिथि पर इस टैरिफ कलेक्शन को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है।

गूगल-फेसबुक जैसी अमेरिकी कंपनियों पर लगा डिजिटल टैक्स

USTR इस निष्कर्ष पर पहुंचा है कि फ्रांस, भारत, इटली और तुर्की की ओर से अमेरिकी की दिग्गज टेक कंपनियों गूगल, फेसबुक, एपल और अमेजन डॉट कॉम पर लगाया गया डिजिटल टैक्स भेदभावपूर्ण है। अपनी ताजा रिपोर्ट में USTR ने कहा है कि भारत, इटली और तुर्की की ओर से लगाया गया टैक्स अनुचित है क्योंकि यह अंतरराष्ट्रीय टैक्सेशन के सिद्धांतों के अनुरूप नहीं है।

2% इक्वेलाइजेशन लेवी वसूलता है भारत

  • भारत 1 अप्रैल 2020 के इक्वेलाइजेशन लेवी वसूल रहा है। इसे गूगल टैक्स के नाम से भी जाना जाता है।
  • इससे पहले सरकार ने डिजिटल एडवर्टाइजिंग कंपनियों पर 6% लेवी लगाई थी। विदेश में स्थित डिजिटल कंपनियों के भारतीय कारोबार पर यह लेवी लगाई गई थी।
  • USTR ने जांच के दौरान 5 नवंबर 2020 को भारत से इस मुद्दे पर विचार करने को कहा था।
  • USTR ने जांच में पाया है कि भारत यह डिजिटल सर्विसेज टैक्स केवल नॉन रेजीडेंट कंपनियों से वसूलता है।
  • USTR डिजिटल सर्विसेज टैक्स को लेकर 10 देशों के खिलाफ जांच कर रहा है जिसमें भारत, ब्रिटेन, ब्राजील, यूरोपियन यूनियन, इटली और तुर्की भी शामिल हैं।



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