नई तकनीकों ने दोस्तों के बीच संबंध बनाए रखने में मदद की है.


कोरोना (Corona) महामारी का अर्थव्यवस्था (Economy) और स्वास्थ्य (Health) क्षेत्र पर बहुत गहरा प्रभाव पड़ा है लेकिन पारस्परिक संबंधों का क्या? शारीरिक संपर्क और साझा अनुभवों की कमी ने अनिवार्य रूप से दोस्ती की धारणा को हिला कर रख दिया है. यह स्नैपचैट द्वारा आयोजित दूसरी Friendship Report के परिणामों में से एक है. सर्वे से पता चला कि कोविड-19 (Covid-19) ने रेस्पोंडेंट्स के एक तिहाई से ज्यादा करीबी दोस्तों के साथ रिश्ते बदल दिए. ऑल्टर एजेंट्स और सोशल नेटवर्क स्नैपचैट ने 16 देशों में 30,000 लोगों का इंटरव्यू लिया. रिपोर्ट में कोविड-19 संकट और विशेष रूप से लॉकडाउन से दोस्ती पर पड़ने वाले प्रभावों को दर्शाया गया है. हालांकि ये रिश्ते कोविड-19 द्वारा बदले लेकिन नतीजे आवश्यक रूप से नकारात्मक नहीं थे.

33 फीसदी उत्तर देने वालों ने माना कि दोस्ती को महामारी की शुरुआत ने बदल दिया, 47 फीसदी ने वर्तमान में खुद को अपने दोस्तों के करीब महसूस किया है. नई तकनीकों ने दोस्तों के बीच संबंध बनाए रखने में मदद की है. हर तीन में से दो रेस्पोंडेंट्स ने कहा कि वह महामारी से पहले बातचीत के लिए ज्यादा ऑनलाइन चैनलों का इस्तेमाल करते थे और 49 फीसदी ने दावा किया है कि उन्होंने गहन बातचीत पर ध्यान केंद्रित करने के लिए हल्के विषयों को छोड़ दिया.

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अकेलेपन की एक मजबूत भावनामहामारी की शुरुआत से दोस्ती मजबूत हुई है या अपरिवर्तित बनी हुई है, कई उत्तरदाताओं ने कहा कि उन्हें अकेलापन महसूस हुआ. हर तीन में से दो व्यक्तियों ने कहा कि महामारी की शुरुआत से अकेलापन महसूस हुआ जो कोरोना वायरस से पहले की तुलना में 8 फीसदी ज्यादा है. रिपोर्ट में अपना योगदान देने वाले 17 अंतरराष्ट्रीय फ्रेंडशिप विशेषज्ञों में से एक लावन्या कथिरावेलु ने कहा कि हालांकि फोन कॉल और अन्य माध्यमों से दोस्ती बरकरार रहती है लेकिन असंतुष्ट तत्व कई लोगों के लिए दोस्ती के पूर्ण अनुभव को दूर ले जाता है.

प्यार और बेरोजगारी ने भी दोस्ती बदली
महामारी ने दोस्तों के साथ बातचीत करने के तरीके को काफी बदल दिया है, लेकिन कलप्रिट होने के लिए यह एकमात्र कारण नहीं है. प्यार पाने के लिए भी दोस्ती पर हानिकारक परिणाम दिखे. दस में से चार अंतरराष्ट्रीय उत्तरदाताओं ने कहा कि एक नए रोमांटिक रिश्ते का उनकी दोस्ती पर हानिकारक प्रभाव पड़ा. यह उन लोगों के लिए भी लागू हुआ जो माता-पिता (41%) बन गए, और यह आंकड़ा उन लोगों के लिए और भी बदतर है जिन्होंने अपनी नौकरी खो दी थी या वित्तीय कठिनाइयों (51%) का सामना कर रहे थे. अन्य कारक भी दोस्ती के लिए भारी पड़े जैसे एक नए शहर (53%) में जाना, एक नए पड़ोस में (39%), कॉलेज या व्यावसायिक कारणों से दूर जाने के लिए (50%) आदि कारण इसमें शामिल है.

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फ्रेंडशिप के बारे में इस सर्वे के लिए ऑल्टर एजेंटों ने 13 से 40 वर्ष की आयु के 30,000 लोगों का साक्षात्कार लिया. इनमें जर्मनी, ऑस्ट्रेलिया, फ्रांस, भारत, इंडोनेशिया, इटली, जापान, मलेशिया, मैक्सिको, नीदरलैंड, नॉर्वे, सऊदी अरब , स्पेन, संयुक्त अरब अमीरात, यूनाइटेड किंगडम और संयुक्त राज्य अमेरिका आदि देश शामिल हैं.





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