वोडाफोन आईडिया 1 लाख करोड़ रुपए तक कर्ज ले सकेगी और 15,000 करोड़ रुपए तक के शेयर जारी कर सकेगी, एजीएम में शेयरधारकों ने दी मंजूरी


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नई दिल्ली5 घंटे पहले

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कंपनी ने गुरुवार को शेयर बाजार को दी गई सूचना में कहा कि एजीएम के नोटिस में जितने भी प्रस्तावों का जिक्र था, वे सभी जरूरी बहुमत के साथ पारित हो गए

  • कर्ज लेने की सीमा बढ़ाए जाने के प्रस्ताव के पक्ष में 99.8% मत हासिल हुए
  • 15,000 करोड़ रुपए तक के शेयर जारी करने के प्रस्ताव के पक्ष में 98.6% वोट मिले

वोडाफोन आईडिया (वीआईएल) के शेयरधारकों ने एजीएम में कई प्रस्तावों को मंजूरी दी। इसमें कंपनी की कर्ज सीमा बढ़ाना और 15,000 करोड़ रुपए तक के शेयर जारी करना भी शामिल है। कंपनी को सांविधिक बकाए का भुगतान करने और कारोबार में बने रहने में सक्षम बनाने के लिए बुधवार को हुए एजीएम में मतदान के लिए कई प्रस्ताव रखे गए थे।

कर्ज लेने की सीमा बढ़ाए जाने के प्रस्ताव के पक्ष में 99.8 फीसदी मत हासिल हुए। 15,000 करोड़ रुपए तक के शेयर जारी करने के प्रस्ताव के पक्ष में 98.6 फीसदी वोट मिले। कंपनी ने गुरुवार को शेयर बाजार को दी गई सूचना में कहा कि एजीएम के नोटिस में जितने भी प्रस्तावों का जिक्र था, वे सभी जरूरी बहुमत के साथ पारित हो गए।

सितंबर 2014 में हुए एजीएम में शेयरधारकों ने 25,000 करोड़ रुपए की बॉरोइंग लिमिट तय की थी

कंपनी द्वारा 7 सितंबर को जारी किए गए एजीएम नोटिस के मुताबिक कर्ज लेने की सीमा को बढ़ाकर 1 लाख करोड़ रुपए करने का प्रस्ताव रखा जाना था। सितंबर 2014 में हुए एजीएम में शेयरधारकों ने कंपनी की बॉरोइंग लिमिट 25,000 करोड़ रुपए तय की थी। बुधवार के एजीएम में पारित हुए अन्य प्रस्तावों में कंपनी के आर्टिकल ऑफ एसोसिएशन में बदलाव, प्रॉपर्टीज पर प्रतिभूतियों का सृजन और इंडस टावर्स और भारती इंफ्राटेल के साथ ट्र्रांजेक्शन शामिल है।

पिछले माह के शुरू में कंपनी के बोर्ड ने 25,000 करोड़ रुपए का फंड जुटाने की योजना को मंजूरी दी थी

पिछले माह के शुरू में वोडाफोन आईडिया के बोर्ड ने शेयर और डेट इंस्ट्रूमेंट के जरिये 25,000 करोड़ रुपए का फंड जुटाने की योजना को मंजूरी दी थी। इस पर शेयरधारकों से भी मंजूरी ली जानी थी। कंपनी नकदी समस्या से गुजर रही है। उसे भारी भरकम घाटा हुआ है। उसके ग्राहक घटते जा रहे हैं। उसका एवरेज रेवेन्यू पर यूजर (एआरपीयू) गिर रहा है। इसके साथ ही एजीआर के मद में सरकार का कंपनी पर करीब 50,000 करोड़ रुपए का बकाया है।

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