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नई दिल्ली22 मिनट पहले

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  • कंस्ट्रक्शन में 12.6% और ट्रेड में 21% गिरावट की आशंका
  • 2019-20 में 4.2% रही थी देश की आर्थिक वृद्धि दर

देश की अर्थव्यवस्था का आकार मौजूदा वित्त वर्ष में 7.7% सिकुड़ सकता है। इसकी सबसे बड़ी वजह कोविड-19 के चलते आर्थिक गतिविधियों में आई कमी है। पिछले वित्त वर्ष में देश की आर्थिक वृद्धि दर 4.2% रही थी। लेकिन पहली तिमाही में इकनॉमी 23.9% घट गई। दूसरी तिमाही में हालत बेहतर हुई और गिरावट 7.5% रह गई। इन आंकड़ों का महत्व इस लिहाज से है कि अगला बजट इन्हीं आंकड़ों पर आधारित होगा।

कृषि क्षेत्र में 3.4% ग्रोथ का अनुमान

राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) की तरफ से जारी 2020-21 के पहले अग्रिम अनुमान के मुताबिक अर्थव्यवस्था के सभी सेक्टर की वृद्धि दर नकारात्मक है। सिर्फ कृषि ऐसा क्षेत्र रहा है जिसने मौजूदा वित्त वर्ष में आर्थिक वृद्धि को संभालने में सकारात्मक योगदान किया है। कृषि क्षेत्र की वृद्धि दर 3.4% रह सकती है। हालांकि पिछले वित्त वर्ष में इसकी ग्रोथ 4% रही थी।

मैन्युफैक्चरिंग में 9.4% गिरावट आ सकती है

NSO के अनुसार 2020-21 में कंस्ट्रक्शन सेक्टर का साइज 12.6% घट सकता है। ट्रेड, होटल, ट्रांसपोर्ट, कम्युनिकेशन के आकार में 21% की कमी आ सकती है। मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर का साइज 9.4% घट सकता है। पूरे सर्विस सेक्टर में 8.8% गिरावट का अंदेशा है।

नॉमिनल GDP में 4.2% की कमी आएगी

अनुमान के मुताबिक ग्रॉस ऐडेड वैल्यू (GVA) में 7.2% की गिरावट आ सकती है। GVA बताती है कि किसी सेक्टर की इकनॉमिक एक्टिविटी से GDP में कितना योगदान हुआ है। सरकार ने नॉमिनल GDP में 4.2% की कमी आने का अनुमान दिया है। वह सालाना बजट नॉमिनल GDP के हिसाब से बनाती है। नॉमिनल GDP में से महंगाई दर को घटा कर वास्तविक GDP का आंकड़ा निकाला जाता है।

छह-सात महीने के आंकड़ों के आधार पर अनुमान

इकनॉमी को लेकर सरकार का एडवांस एस्टीमेट रिजर्व बैंक के दिसंबर वाले पॉलिसी रिव्यू के अनुमानों के मुताबिक है। रिजर्व बैंक ने GDP में 7.9% गिरावट का अंदेशा जताया था। NSO ने GDP का पहला एडवांस्ड एस्टीमेट शुरुआती छह-सात महीने के आंशिक आंकड़ों पर दिया है। अर्थव्यवस्था की असल तस्वीर आने वाले समय में इसमें होने वाले संशोधनों में दिखेगी।

मई में आएगा ग्रोथ का प्रोविजनल एस्टीमेट

2021-22 के बजट से पहले इन आंकड़ों की अहमियत बढ़ गई है। वित्त मंत्री को नए वित्त वर्ष के लिए बजट बनाने में इससे काफी मदद मिलेगी। यह कोविड-19 से मची तबाही का अंदाजा देने वाला पहला सरकारी आंकड़ा है। दूसरा एडवांस एस्टीमेट फरवरी के अंत में आएगा। सरकार GDP ग्रोथ का प्रोविजनल एस्टीमेट मई में जारी करेगी।



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