हिमाचल में टीचर्स ट्रांसफर सॉफ्टवेयर का ‘सफल ट्रायल!’, सबसे पहले शिक्षामंत्री का ही ‘तबादला’


हिमाचल प्रदेश के पूर्व शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज से छीना विभाग.

Himachal Cabinet Expansion: हिमाचल के सरकारी स्कूल-कॉलेजों में नियुक्त 80 हजार से ज्यादा शिक्षकों के ऑनलाइन तबादले करने के लिए नेशनल इन्फॉरमेटिक सेंटर (एनआईसी) सॉफ्टवेयर तैयार किया गया है. हाल ही में इसका ट्रायल कैबिनेट मीटिंग में किया गया था.

शिमला. हिमाचल प्रदेश में कैबिनेट विस्तार (Himachal Cabinet Expansion) के बाद शुक्रवार देर रात को मंत्रियों के विभाग में बड़े पैमाने पर फेरबदल किया गया है. शिक्षा से लेकर वन मंत्री के विभाग बदले गए हैं. शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज (Suresh Bhardwaj) से यह महकमा लेकर उन्हें अब अर्बन डेवलेपमेंट विभाग की जिम्मेदारी दी गई है. साथ ही उनके पास विधि विभाग पहले से ही मौजूद है. ऐसे में यह कह सकते हैं कि यह विभाग छीनकर शिक्षा मंत्री (Education Minster) का ‘ट्रांसफर’ कर दिया गया है.

सोशल मीडिया पर चर्चा
वहीं, सोशल मीडिया पर उनके विभाग बदलने पर चर्चा चल पड़ी है कि हाल ही में शिक्षा विभाग में तबादलों के लिए सरकार की ओर से जो सॉफ्वेयर बनाया गया उसका सफल ट्रायल हुआ है, क्योंकि पहला ‘सफल तबादला’ शिक्षा मंत्री का ही हुआ है. बता दें कि अब शिक्षा विभाग का जिम्मा पूर्व वनमंत्री गोबिंद सिंह ठाकुर को सौंपा गया है.

ऑनलाइन ट्रांसफर के लिए सॉफ्टवेयरहिमाचल के सरकारी स्कूल-कॉलेजों में नियुक्त 80 हजार से ज्यादा शिक्षकों के ऑनलाइन तबादले करने के लिए नेशनल इन्फॉरमेटिक सेंटर (एनआईसी) सॉफ्टवेयर तैयार किया गया है. हाल ही में इसका ट्रायल कैबिनेट मीटिंग में किया गया था. हरियाणा और पंजाब में इसी तरह ट्रांसफर की जाती है और अब हिमाचल में इसी तरह की तबादला नीति पर काम किया गया है. शैक्षणिक सत्र 2020-21 से सरकार शिक्षकों के अब ऑनलाइन तबादले करेगी. सॉफ्टवेयर विभिन्न मानकों के आधार पर नंबर देकर शिक्षकों के तबादले करेगा. बता दें कि शिक्षकों के तबादले को लेकर नई नीति बनाने पर पिछले दो साल से काम चल रहा है.





Source link