CM शिवराज से मिलने के बाद दीपक जोशी के नरम पड़े तेवर, बोले बीजेपी में था-हूं और रहूंगा


दीपक जोशी की नाराजगी दूर करने की कई स्तर पर कोशिशें हो चुकी है

दीपक जोशी (Deepak joshi) की नाराजगी कई बार सार्वजनिक मंचों पर सामने आ चुकी है. उन्हें मनाने के लिए कैलाश विजयवर्गीय समेत कई नेताओं ने उनसे मुलाकात भी की थी

भोपाल.उप चुनाव से पहले बीजेपी (BJP) ने थोड़ी राहत की सांस ली है. बीजेपी में नाराज माने जा रहे पूर्व मंत्री दीपक जोशी (Deepak Joshi) के तेवर नरम पड़ गए हैं. गुरुवार को वो अपने दो सैकड़ा समर्थकों के साथ सीएम हाउस पहुंचे और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात की. दीपक जोशी का इस तरह समर्थकों के साथ सीएम हाउस पहुंचना सियासी गलियारों में चर्चा का विषय बन गया. यह कयास लगाए जा रहे थे कि वो नाराज हैं और इस बार आर पार की लड़ाई के लिए सीएम हाउस तक पहुंचे हैं. लेकिन सीएम हाउस से बाहर निकलते ही तेवर नरम पड़ चुके थे.

दीपक जोशी ने न्यूज़ 18 से बातचीत में कहा कि वो अपने पुराने बयानों के लिए माफी मांगते हैं. सार्वजनिक मंच से मुझसे कई बार ऐसी बातें निकल गई जो गलत थीं. मेरे समर्थकों के सामने मैंने आज सारी बात साफ कर दी है.मैं बीजेपी में था, हूं और रहूंगा.मनोज चौधरी के हाट पिपरिया से चुनाव लड़ने के सवाल पर दीपक जोशी ने कहा कि यह फैसला पार्टी का है और वह खुद मनोज चौधरी के नाम का ऐलान बतौर बीजेपी उम्मीदवार कर चुके हैं.

समर्थकों ने उठाई सम्मान की मांग
दीपक जोशी के तेवर भले नरम पड़ गए हों लेकिन उनके तमाम समर्थक जो सीएम हाउस पहुंचे थे उन्होंने मांग की है कि दीपक जोशी का संगठन में सम्मान होना चाहिए और इसी बात को लेकर वह सीएम हाउस तक गए थे हालांकि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की ओर से उन्हें यह भरोसा मिला है कि पार्टी में दीपक जोशी का पूरा सम्मान रखा जाएगा कार्यकर्ताओं ने ऐलान किया है कि वह बीजेपी के उम्मीदवार के लिए काम करेंगे फिर वह चाहे कोई भी होक्यों नाराज़ थे दीपक जोशी ?

ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ 22 विधायकों ने कांग्रेस से इस्तीफा देकर बीजेपी ज्वाइन की. उनमें से एक हाटपिपलिया सीट से विधायक मनोज चौधरी भी शामिल थे. दीपक जोशी इससे पहले हाटपिपलिया सीट से ही विधायक थे लेकिन 2018 के चुनाव में वो चौधरी से हार गए थे. मनोज चौधरी के बीजेपी में शामिल होने के बाद यह साफ हो गया कि वो इसी सीट से विधानसभा का उपचुनाव लड़ेंगे. ऐसे में दीपक जोशी को अपने राजनीतिक भविष्य का खतरा दिखाई दे रहा है.

जे पी नड्डा से भी हुई मुलाकात
दीपक जोशी की नाराजगी दूर करने की कई स्तर पर कोशिशें हो चुकी है. इससे पहले उन्होंने राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से दिल्ली में मुलाकात की थी. तब भी यह माना जा रहा था कि उन्होंने अपना पक्ष राष्ट्रीय संगठन के सामने रखा था. लेकिन उसके बाद भी शायद बातचीत नहीं बनी और वो शक्ति प्रदर्शन पर उतर आए. हालांकि इससे पहले भी दीपक जोशी की नाराजगी कई बार सार्वजनिक मंचों पर सामने आ चुकी है.  उन्हें मनाने के लिए कैलाश विजयवर्गीय समेत कई नेताओं ने उनसे मुलाकात भी की थी.





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