UAE-इजराइल डील: नॉर्वे के सांसद ने नोबेल शांति पुरस्कार के लिये ट्रंप को नॉमिनेट किया


नॉर्वे के सांसद ने नोबेल पीस प्राइज के लिए ट्रंप का नाम आगे बढ़ाया

Nobel Peace Prize 2021: नॉर्वे की दक्षिणपंथी ‘प्रोग्रेस पार्टी’ के सांसद क्रिश्चन टायब्रिंग-गेजेड ( Christian Tybring-Gjedde) ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) को नोबेल पुरस्कार के लिए नॉमिनेट किया है.


  • News18Hindi

  • Last Updated:
    September 10, 2020, 10:15 AM IST

कोपनहेगन. नॉर्वे के एक धुर दक्षिणपंथी सांसद ने बुधवार को कहा कि उसने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) को पश्चिम एशिया में उनके प्रयासों को देखते हुए नोबेल शांति पुरस्कार के लिये नॉमिनेट किया है. दक्षिणपंथी ‘प्रोग्रेस पार्टी’ की तरफ से नॉर्वे की संसद के सदस्य क्रिश्चन टायब्रिंग-गेजेड ( Christian Tybring-Gjedde) ने कहा कि ‘संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और इज़राइल (Israel) के बीच शांति समझौते को लेकर’ नोबेल शांति पुरस्कार देने के लिये ट्रंप के नाम पर विचार किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि ट्रंप की इस पहल से पश्चिम एशिया में संभावित शांति का रास्ता बना है.

टायब्रिंग-गेजेड ने कहा, ‘इससे फर्क नहीं पड़ता कि घर पर ट्रंप का व्यवहार कैसा है और संवाददाता सम्मेलनों में वह क्या कहते हैं, निश्चित रूप से उनके पास नोबेल शांति पुरस्कार प्राप्त करने का मौका है.’ उन्होंने कहा कि ट्रंप को उन्होंने बुधवार को नामित किया और नोबेल शांति पुरस्कार के ‘पैमाने को ट्रंप पूरा करते हैं.’ टायब्रिंग-गेजेड नॉर्वे के उन दो सांसदों में से एक हैं जिन्होंने 2018 में भी ट्रंप को उत्तर और दक्षिण कोरिया के बीच सुलह के प्रयासों को लेकर नोबेल शांति पुरस्कार के लिये नामित किया था. कोई भी सांसद किसी को नोबेल शांति पुरस्कार के लिये नामित कर सकता है. नोबेल शांति पुरस्कारों के लिये उम्मीदवारों के नाम पर विचार और उन्हें पुरस्कार देने की प्रक्रिया नॉर्वे में पूरी होती है जबकि अन्य नोबेल पुरस्कार पड़ोसी देश स्वीडन में दिये जाते हैं. नॉर्वे की नोबेल समिति के समक्ष एक फरवरी तक नामांकन भेजने होते हैं.

इराक में अपने सैनिकों की संख्या घटाकर 3000 करेगा अमेरिका
उधर अमेरिका इस महीने इराक में अपने सैनिकों की संख्या 5,200 से घटाकर 3,000 करने जा रहा है. मध्यपूर्व मामलों के अमेरिका के शीर्ष कमांडर ने बुधवार को यह जानकारी दी. अमेरिका की मध्य कमान के कमांडर मरीन जनरल फ्रैंक मैकेंजी ने इराक दौरे के दौरान कहा कि इराक में सैनिकों की संख्या कम करना अमेरिका के भरोसे को दर्शाता है कि अमेरिका द्वारा प्रशिक्षित इराकी सुरक्षा बल इस्लामिक स्टेट समूह के आतंकवादी खतरे से निपटने में सक्षम हैं.इससे पहले मंगलवार देर रात ट्रम्प प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम उजागर ना करने की शर्त पर बताया कि आने वाले दिनों में अफगानिस्तान से भी और सैनिकों की वापसी की योजना बनाई जा रही है. ये घोषणाएं ऐसे समय पर की जा रही हैं, जब ट्रम्प ने दूसरी बार देश का राष्ट्रपति बनने की अपनी उम्मीदवारी पेश की है और वह यह दिखाने की कोशिश कर रहे हैं कि उन्होंने बीते चार साल के कार्यकाल में अपने वादे पूरे किए हैं. अमेरिका में तीन नवम्बर को राष्ट्रपति चुनाव हैं.





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