US-चीन में फिर ठनी! अमेरिकी मंत्री के विरोध में ताइवान के हवाई क्षेत्र में घुसे चीनी फाइटर प्लेन


बीजिंग. अमेरिकी स्वास्थ्य मंत्री एलेक्स एजार (US health chief Alex Azar) के ताइवान (Taiwan) दौरे को लेकर चीन (China) ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है. ताइवान के विदेश मंत्री जोसेफ वू (Joseph Wu) ने आरोप लगाया है कि चीन ताइवान को भी हांगकांग की तरह अस्थिर करने की साजिश रच रहा है. अमेरिकी मंत्री के दौरे के विरोध में चीनी लड़ाकू विमानों ने सोमवार को शक्ति प्रदर्शन करते हुए ताइवान के हवाई क्षेत्र में घुसपैठ कर कड़ा संदेश देने की कोशिश की.

इस स्व-शासित द्वीप (ताइवान) पर करीब चार दशक में किसी उच्च पदस्थ अमेरिकी पदाधिकारी का यह प्रथम दौरा था. एजार ने ताईवान की राष्ट्रपति साई इंग-वेन से मुलाकात के साथ अपना तीन दिवसीय दौरा शुरू किया. अमेरिका के 1979 में राजनयिक मान्यता ताइपै से हटा कर बीजिंग कर दिये जाने के बाद से ताइवान की यात्रा करने वाले एजार सर्वोच्च रैंक के कैबिनेट सदस्य हैं, वह रविवार को ताईपै पहुंचे. चीन ताइवान को अपनी मुख्य भूमि का हिस्सा मानता है और ताइवानी नेताओं से किसी उच्च स्तरीय विदेशी प्रतिनिधि की मुलाकात का मुखर विरोध करता रहा है.

अमेरिका की चाल से भड़का चीनएजार का यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है, जब अमेरिका और चीन के बीच संबंध अपने सबसे खराब दौर से गुजर रहे हैं. उनके दौरे को बीजिंग के लिये एक बड़ा कूटनीतिक झटका माना जा रहा है, जो यह कहता रहा है कि ‘एक चीन नीति’ उन सभी देशों के साथ उसकी विदेश नीति का मूल तत्व है, जो उसके साथ राजनयिक संबंध रखते हैं. चीन से ताइवान की आजादी की दृढ़ समर्थक साई ने कहा कि एजार का ऐतिहासिक दौरा ताईवान-अमेरिका संबंधों के लिये एक ‘नयी शुरूआत’ है और उन्हें उम्मीद है कि वाशिंगटन एवं ताईपै के बीच सहयोग में और कामयाबी मिलेगी.

वहीं, बीजिंग ने उम्मीद के मुताबिक तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि यह दौरा ‘एक चीन नीति’ के प्रति अमेरिका की प्रतिबद्धता का विश्वासघात है. एजार का दौरा 2018 के ताईवान यात्रा अधिनियम से प्रशस्त हुआ है जो वाशिंगटन को दशकों बाद अपना उच्चतर स्तर का अधिकारी भेजने के लिये प्रोत्साहित करता है. ताइवान न्यूज की खबर के मुताबिक साई-एजार की बैठक से पहले चीनी लड़ाकू विमानों ने सोमवार को ताईवान जलडमरूमध्य के हवाई क्षेत्र में घुसपैठ की. ताइवान वायुसेना कमान मुख्यालय ने कहा कि चीनी वायुसेना के शेनयांग जे-11 और चेंगदु जे-10 लड़ाकू विमानों ने ताईवान जलडमरूमध्य में सुबह नौ बजे संक्षिप्त अवधि के लिये ‘मेडियन लाइन’ (दोनों पक्षों के बीच अनाधिकारिक हवाई क्षेत्र सीमा) को पार किया.

ताइवान में घुसे चीनी लड़ाकू विमान
मुख्यालय ने कहा कि चीनी लड़ाकू विमानों के मौखिक चेतावनी को नजरअंदाज करने के बाद ताइवान के लड़ाकू विमानों ने शीघ्र ही उन्हें रोका और उन्हें ताइवान के हवाई क्षेत्र से बाहर निकाला. बीजिंग में, चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियान ने मीडिया ब्रीफिंग में कहा कि ‘अमेरिका और ताईवान के बीच आधिकारिक संबंध का चीन सख्त विरोध करता है.’ उन्होंने कहा, ‘हमने अमेरिका के समक्ष सख्त विरोध दर्ज कराया है. मैं एक बार फिर इस बात पर जोर देना चाहूंगा कि ताईवान का प्रश्न चीन, अमेरिका संबंधों में सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा है.’ प्रवक्ता ने कहा, ‘एक चीन का सिद्धांत चीन-अमेरिका संबंधों का आधार है. अमेरिका ने जो किया, वह ताईवान से जुड़े मुद्दों पर उसकी प्रतिबद्धता का गंभीर उल्लंघन है.’ उन्होंने आगे कहा, ‘हम अमेरिका से एक चीन के सिद्धांत का अनुपालन करने और ताईवान के साथ अपने आधिकारिक संपर्क बंद करने का अनुरोध करते हैं, चाहे यह जिस किसी रूप में हो.’

प्रवक्ता ने कहा कि अमेरिका को ताईवान के साथ अपने संबंध नहीं बढ़ाने चाहिए जिससे कि प्रमुख क्षेत्रों में चीन-अमेरिका के संबंधों और समूचे ताईवान जलडमरूमध्य में शांति एवं स्थिरता प्रभावित न हो. एजार के नेतृत्व में अमेरिकी शिष्टमंडल एक अमेरिकी परिवहन विमान से रविवार को ताईपै के सोंगशान हवाईअड्डे पर पहुंचा. हांगकांग के साउथ चाइना मॉनिंग पोस्ट ने यह खबर दी. एजार के नेतृत्व में शिष्टमंडल की प्रथम सार्वजनिक गतिविधि साई के साथ एक बैठक कर उन्हें स्वशासित द्वीप के लिये राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के समर्थन से अवगत कराना तथा लोकतंत्र को प्रोत्साहित करने एवं कोरोना वायरस महामारी की रोकथाम में उसकी सफलता की सराहना करना था. एजार ने राष्ट्रपति कार्यालय में साई के साथ अपनी बैठक में कहा, ‘राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से ताईवान को मजबूत समर्थन एवं दोस्ती का संदेश देना बड़े ही सम्मान की बात है.’

चीन ने 11 अमेरिकी नेताओं, संगठनों के प्रमुखों पर प्रतिबंध लगाया
चीन ने लोकतंत्र की हिमायत करने वाले 11 अमेरिकी नेताओं और संगठनों के प्रमुखों के खिलाफ प्रतिबंध लगाने की घोषणा की है. इनमें सीनेटर मार्कों रूबियो और टेड क्रूज भी शामिल हैं. हालांकि, प्रतिबंध के बारे में यह नहीं बताया गया है कि ये किस तरह के होंगे. चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियान ने सोमवार को कहा कि इन 11 नेताओं एवं संगठन प्रमुखों ने हांगकांग से जुड़े मुद्दों पर गलत गतिविधियां की. उल्लेखनीय है चीन ने पिछले महीने अर्द्ध-स्वायत्त चीनी शहर हांगकांग में अपने राष्ट्रीय सुरक्षा कानून को थोपे जाने के बाद विरोध की आवाज दबाने के लिये कार्रवाई की थी.

चीन के विदेश मंत्रालय ने जितने अमेरिकी नेताओं एवं संगठन प्रमुखों पर प्रतिबंध लगाया है, उनकी संख्या हांगकांग और चीन के उन अधिकारियों के बराबर है जिन पर अमेरिका ने पिछले हफ्ते कार्रवाई करते हुए प्रतिबंध लगाया था. इस बीच, चीन ने प्रमुख स्वतंत्र मीडिया उद्योगपति जिम्मी लाई को गिरफ्तार कर और प्रकाशक के मुख्यालय में छापा मार कर सोमवार को इस तरह के दबाव के आगे नहीं झुकने की अपनी दृढ़ता प्रदर्शित की. चीन के विदेश मंत्रालय ने प्रतिबंधित किये गये अन्य अमेरिकी नेताओं के नाम सीनेटर जोश हावले और टॉम कॉटन तथा हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव के सदस्य क्रिस स्मिथ बताये हैं. इसके अलावा नेशनल इंडोवमेंट फॉर डेमोक्रेसी और फ्रीडम हाउस सहित अन्य संगठनों के प्रमुखों के नाम भी प्रतिबंध सूची में शामिल हैं. बीजिंग ने पिछले महीने रूबियो, क्रूज और स्मिथ पर यात्रा प्रतिबंध लगाया था. दरअसल, अमेरिका ने घोषणा की थी कि वह चीन के उत्तरी पश्चिमी क्षेत्र शिंजियांग में मुसलमानों के खिलाफ की गई कार्रवाई से संबद्ध चीनी अधिकारियों के खिलाफ इसी तरह के कदम उठाएगा.





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